नोएडा की ‘डिज़ाइन ट्री’ कंपनी पर छोटे ठेकेदारों के शोषण के गंभीर आरोप, करोड़ों की पेमेंट रोके जाने का मामला उजागर
नोएडा के सेक्टर-45, गौतम बुद्ध नगर स्थित डिज़ाइन ट्री नामक कंपनी पर छोटे ठेकेदारों के शोषण और भुगतान रोकने के गंभीर आरोप लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कंपनी रियल एस्टेट क्षेत्र में बड़ा नेटवर्क संचालित करती है और 20 से 60 लाख रुपये तक के छोटे ठेकेदारों से काम लेकर बड़े-बड़े टेंडर हासिल करती है।
आरोप है कि जब ठेकेदारों का भुगतान 20-25 लाख रुपये तक लंबित हो जाता है, तो कंपनी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर उनका शोषण करती है, गेट बंद कर उन्हें अंदर आने से रोक देती है और बकाया राशि देने में टालमटोल करती रहती है।
आर्यन कंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ हुए हालिया विवाद ने इस पूरे मामले को उजागर कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह ठेकेदार पिछले 6 महीने से डिज़ाइन ट्री के साथ काम कर रहा था और कुल लगभग 38 लाख रुपये का काम पूरा कर चुका है। काम के दौरान ठेकेदार के एक कर्मचारी को जल्दीबाज़ी में कार्य करते समय चोट लग गई थी, जिसके इलाज पर लगभग 3 लाख रुपये का खर्च आया। ठेकेदार के अनुसार, कंपनी ने कर्मचारी के इलाज में किसी भी प्रकार की आर्थिक मदद देने से साफ हाथ खड़े कर दिए।
सूत्रों के मुताबिक, इस कंपनी पर पहले भी 15 से 20 ठेकेदारों की करीब 25 से 30 करोड़ रुपये की पेमेंट रोकने के आरोप लग चुके हैं। कई ठेकेदार तो कंपनी ऑफिस में अपनी बात रखने तक नहीं पहुंच पाते, क्योंकि उन्हें गेट पर ही रोक दिया जाता है।
इन गंभीर आरोपों के मद्देनज़र आज भारतीय किसान यूनियन (संपूर्ण भारत) ने भी मामले में दखल दिया और कहा कि किसान परिवारों के युवा कर्ज लेकर काम करने जाते हैं, लेकिन पेमेंट न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति और जमीन तक खतरे में पड़ जाती है। यूनियन ने स्पष्ट किया कि ऐसे शोषण को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पीड़ित ठेकेदारों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।





