
इदरीश हत्याकांड में सजा का बड़ा फैसला, सात आरोपी आजीवन कारावास
बुलंदशहर के बहुचर्चित इदरीश हत्याकांड मामले में अदालत ने गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। एडीजे प्रथम प्रीति श्रीवास्तव की कोर्ट ने इस संवेदनशील मामले में नामजद सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। करीब ढाई साल पुराने इस मामले में फैसला आने के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर राहत जताई है।
यह मामला 15 जुलाई 2022 का है, जब खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित शेखपेन मस्जिद में घुसकर इदरीश की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी। घटना ने पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया था। स्थानीय लोगों में रोष फैल गया था और प्रशासन को मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। मृतक के बेटे इरफान की तहरीर पर नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए और गवाहों के बयान अभियोजन पक्ष के लिए मजबूत आधार बने। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने सात आरोपियों को इदरीश की हत्या का दोषी पाया, जबकि दो आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। फैसले के दौरान अदालत ने कहा कि घटना सामुदायिक तनाव पैदा करने वाली थी और समाज में भय का वातावरण बनाने वाली थी, इसलिए कठोर दंड आवश्यक है।
फैसले के बाद इदरीश के परिजनों ने कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया और कहा कि उन्हें न्याय मिला है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी निर्णय को न्यायप्रिय बताते हुए संतोष व्यक्त किया है। यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि कानून व्यवस्था पर लोगों का विश्वास भी मजबूत किया है।





