औरतों से संबंध बनाने के लिए सोशल वेबसाइटों की भरमार — डिजिटल दौर में बढ़ता फेक अकाउंट्स का जाल, लोगों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा

डिजिटल युग ने एक ओर जहां रोजगार, सुविधा और लोगों को जोड़ने के अनगिनत साधन दिए हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग तेजी से बढ़ता जा रहा है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, शेयरचैट जैसे लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग प्लेटफ़ॉर्म पर फेक अकाउंट्स और अनैतिक गतिविधियों का जाल दिन-प्रतिदिन फैलता जा रहा है।

सोशल साइटों पर आज ऐसे पेज और प्रोफाइल की भरमार है, जो न केवल फर्जी पहचान के सहारे लोगों को गुमराह कर रहे हैं, बल्कि देह व्यापार, गैरकानूनी संबंध, “लिव-इन रिलेशन के लिए प्रेरित करने” और रोमांटिक चैट के झांसे में फंसाकर अपराध का रास्ता तैयार कर रहे हैं। इन डिजिटल जालों में किसी भी उम्र का व्यक्ति फंस सकता है, और यही इस खतरे को और गंभीर बनाता है।

इसी तरह का एक मामला आज सामने आया, जब एक फेसबुक यूज़र के अकाउंट पर “दिव्या यादव” नाम से आई रिक्वेस्ट ने ध्यान खींचा। प्रोफाइल फोटो में एक महिला का चित्र, हजारों फॉलोअर्स, और टैगलाइन— “बड़े घरों की औरतों से संबंध बनाने के लिए क्लिक करें” — देखकर स्पष्ट हो गया कि यह खाता किसी संदिग्ध गतिविधि के लिए बनाया गया है।

चौंकाने वाली बात यह है कि शहर के कई शिक्षित और प्रतिष्ठित लोग भी इस तरह की रिक्वेस्ट को स्वीकार कर लेते हैं—कभी आकर्षक प्रोफाइल देखकर, तो कभी फॉलोअर्स की संख्या देखकर। कई मामलों में लोग अनजाने में ऐसे अकाउंट्स के जाल में फंस जाते हैं और उनकी निजी जानकारी गलत हाथों में चली जाती है।

इस तरह के फर्जी प्रोफाइल केवल नैतिक पतन ही नहीं, बल्कि बड़े साइबर अपराधों की जड़ भी बन रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये अकाउंट्स अक्सर ठगी, ब्लैकमेलिंग, डेटा चोरी और मानव तस्करी जैसी गतिविधियों से जुड़े होते हैं।

यह स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि

सोशल मीडिया पर निगरानी एजेंसियों की कमी

फेक आईडी बनाने में आसानी

लोगों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी

सरकार और संबंधित एजेंसियों को इस दिशा में कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है। यह भी जरूरी है कि सोशल मीडिया कंपनियाँ अपने प्लेटफॉर्म पर फेक और संदिग्ध अकाउंट्स की पहचान और रोकथाम के लिए और अधिक मजबूत तकनीक और नियम लागू करें।

फिलहाल, आम यूज़र्स को चाहिए कि किसी भी अनजान प्रोफाइल को बिना जांचे स्वीकार न करें, संदिग्ध अकाउंट्स की रिपोर्ट करें, और अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखें।

डिजिटल युग में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है—और यह जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ हर यूज़र की भी है।