
नेशनल हाईवे पर ढाबा संचालकों ने चौकी इंचार्ज पर लगाया दबाव बनाने का आरोप, कार्रवाई को लेकर व्यापारी होंगे एकजुट
नेशनल हाईवे पर स्थित सभी ढाबा संचालकों ने रविवार की शाम एक बैठक आयोजित की, जिसमें उन्होंने खड़ौली चौकी इंचार्ज अशोक पर गंभीर आरोप लगाए। व्यापारियों का कहना है कि चौकी इंचार्ज द्वारा बिना किसी आधिकारिक आदेश के जबरन ढाबे और होटल बंद कराने का दबाव बनाया जा रहा है। जब इस मामले की जानकारी मिलने पर व्यापारी प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और स्थिति को समझा, तो उन्होंने चौकी इंचार्ज अशोक से फोन पर कारण पूछा। आरोप है कि बातचीत के दौरान चौकी इंचार्ज ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए “बकवास मत करो” कहा और फोन काट दिया।
व्यापारियों में इस व्यवहार को लेकर भारी रोष है। व्यापारी नेता शैंकी वर्मा ने बताया कि चौकी इंचार्ज के साथ हुई बातचीत की पूरी रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है। उन्होंने कहा कि, “यदि व्यापारी नेताओं से इस तरह का व्यवहार किया जाता है तो आम जनता और छोटे व्यापारियों के साथ कैसा व्यवहार होता होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।” उन्होंने कहा कि सोमवार को सभी व्यापारी मिलकर अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।

शैंकी वर्मा ने हाईवे पर जाम की समस्या का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि मसूरी, देहरादून और हरिद्वार से लौटने वाले टूरिस्ट वाहनों के कारण जाम तो लगता ही है, साथ ही हाईवे पर होने वाली शादियों और मंडपों की अव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था भी ट्रैफिक जाम की बड़ी वजह है। कई मंडप स्वामी घुड़चढ़ी और चढ़ती जैसी रस्में सड़कों पर कराते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर बने अनियमित कट और होटल/मंडप की पार्किंग से सीधे सड़क पर वाहन निकलने से भी आमने-सामने की स्थिति पैदा होती है।
व्यापारियों का कहना है कि पुलिस अपनी कमियों को छिपाने के लिए ढाबा संचालकों पर दबाव बनाती है, जबकि असल जिम्मेदारी यातायात पुलिस और प्रशासन की है कि वे मंडप स्वामियों को नियमों के अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए चेतावनी दें। व्यापारियों ने हाईवे पर लगने वाले लगातार जाम को पुलिस व्यवस्था पर एक बदनुमा धब्बा बताया।





