अलग डिज़ाइन वाले सिक्कों को लेकर उलझन? आरबीआई ने किया साफ—सभी वैध हैं

देश में अक्सर अलग-अलग डिज़ाइन वाले सिक्कों को लेकर लोगों के बीच उलझन और अफ़वाहें फैल जाती हैं। कई बार दुकानदार या आम लोग किसी सिक्के को यह कहकर लेने से मना कर देते हैं कि यह अब चलन में नहीं है या सरकार ने इसे बंद कर दिया है। इसी भ्रम को दूर करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं और कहा है कि सभी मूल्यवर्ग के सभी डिज़ाइन वाले सिक्के पूरी तरह वैध मुद्रा हैं और बिना किसी हिचकिचाहट के स्वीकार किए जाने चाहिए।

आरबीआई के अनुसार 50 पैसे, ₹1, ₹2, ₹5, ₹10 और हाल ही में प्रचलन में लाए गए ₹20 के सिक्के—चाहे पुराने डिज़ाइन के हों या नए—सभी प्रचलन में हैं और उनका कानूनी दर्जा बराबर है। दरअसल, समय-समय पर सिक्कों का आकार, वजन, धातु की गुणवत्ता और डिज़ाइन बदलते रहते हैं, लेकिन इन बदलावों का उनके वैध होने पर कोई असर नहीं पड़ता। पुराने और नए डिज़ाइन के सिक्के लंबे समय तक साथ-साथ चलते हैं, जब तक कि आरबीआई या सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से इन्हें प्रचलन से बाहर घोषित न कर दिया जाए।

आरबीआई ने नागरिकों से अपील की है कि सिक्कों के बारे में फैलने वाली भ्रामक जानकारियों, सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली अफ़वाहों या बिना आधार वाले दावों पर ध्यान न दें। कई बार अफवाहों की वजह से लोग सिक्कों को लेने से मना कर देते हैं, जिससे बाजार में अनावश्यक परेशानी और लेनदेन में बाधा उत्पन्न होती है। बैंक का कहना है कि ऐसा करना गलत है और इससे कानूनी रूप से वैध मुद्रा का महत्व कम नहीं होता।

आरबीआई ने संदेश दिया है—”जानकार बनिए, सतर्क रहिए!” और सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे सिक्कों को बेझिझक स्वीकार करें, ताकि लेन-देन निर्बाध और सहज बना रहे।