
बागपत ट्रिपल मर्डर केस: इंस्पेक्टर पर मूल शिकायत गायब करने, टॉर्चर का आरोप
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने आज यूपी के मुख्य सचिव और डीजीपी को दुबारा पत्र भेजकर बागपत ट्रिपल मर्डर केस की सीआईडी जांच की मांग की है.
उन्होंने कहा कि पूर्व में उन्होंने पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के तथ्यों पर सीआईडी जांच की मांग की थी. इसके बाद मृतिका के भाई मुफ्ती असरार उल हक ने उन्हें फोन कर विवेचना पर गहरी आपत्ति प्रकट की.
उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बहन के पति पर शंका है और बताया कि जब गंगरौली इंस्पेक्टर ने उनसे पूछा था तो उन्होंने इंस्पेक्टर को भी यही बात बताई थी, जिन्होंने स्वयं यह बात मानी थी.
इतना ही नहीं, इंस्पेक्टर ने कंप्यूटर के माध्यम से एक प्रार्थना पत्र लिखवा कर मुफ्ती असरार से हस्ताक्षर कराया था लेकिन उसकी रिसीविंग नहीं दी थी और 10 से 15 मिनट में एफआईआर दर्ज हो जाने की बात कही थी. बाद में इंस्पेक्टर ने दो बच्चों को मुलजिम के रूप में पेश कर दिया.
मुफ्ती असरार के अनुसार जब वह इन बच्चों से मिले तो वे रोने लगे और उन्होंने कहा कि उनके मुंह पर कपड़े लपेटकर पानी में डाल कर और उंगलियों को दबा कर उनसे झूठी बात कबूलवाई गई है. मुफ्ती के अनुसार उनके सामने भी पुलिस वालों ने इन बच्चों को मारा.
अमिताभ ठाकुर ने इन समस्त बातों को अत्यंत गंभीर बताते हुए प्रकरण की तत्काल सीआईडी जांच कराए जाने की मांग की गई है.

संलग्न — मुख्य सचिव और डीजीपी को भेजे गए पत्र की प्रति
डॉ नूतन ठाकुर
प्रवक्ता
आजाद अधिकार सेना





