SIR के खिलाफ मुस्लिमों में कन्फ्यूज़न व भ्रम फैलाने की हो रही कोशिश- आमिर अली

उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग की ओर से चल रही विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर जहां विपक्षी दलों द्वारा जहां मुस्लिम समाज में भ्रम और अफवाहें फैलाने में जुटे हैं, वहीं भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के मेरठ जिला मंत्री आमिर अली ने साफ शब्दों में कहा कि SIR, वोट काटने की नहीं, बल्कि वोट जोड़ने और सुधारने की प्रक्रिया है। जिसे लेकर किसी तरह की दहशत या गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।

आमिर अली ने कहा कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया, विपक्षी दलों द्वारा मुस्लिम समाज व आम-जनमानस में गलत धारणा फैलाई जा रही है, कि SIR के नाम पर वोट काटे जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह गलत और भ्रामक है।

कहा कि SIR के खिलाफ जानबूझकर कन्फ्यूज़न फैलाने की कोशिश हो रही है। कुछ लोग अफवाहों का सहारा लेकर दहशत पैदा कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इलेक्शन कमिशन यह प्रक्रिया इसलिए कर रहा है ताकि वोटर लिस्ट और अधिक शुद्ध और अपडेट हो सके। SIR का मकसद वोटरों की संख्या कम करना नहीं बल्कि सही वोटरों को जोड़ना, पुरानी गलतियों को ठीक करना और मृतक या शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम हटाना है। आगे कहा कि वोटर लिस्ट रिफाइन होना बहुत ज़रूरी है। जो लोग अब इस दुनिया में नहीं हैं उनके नाम हटें, जो दूसरे शहर शिफ्ट हो गए हैं उनका पता अपडेट हो, और जो नए युवा मतदाता बने हैं, उनके नाम लिस्ट में शामिल हों।

आमिर अली ने की जनता से अपील की है कि इस प्रक्रिया में BLO घर-घर जाकर सिर्फ सुधार और नए नाम जोड़ने का काम कर रहे हैं। किसी को भी उनसे डरने या जानकारी छिपाने की जरूरत नहीं है। BLO आपके घर आता है तो वह आपका वोट बचाने और जोड़ने के लिए ही आता है। वह कोई कार्रवाई करने नहीं, बल्कि सुविधा देने आता है। आगे कहां कि SIR फॉर्म की अंतिम तिथि 4 दिसंबर है, ऐसे में बिना डर और बिना देरी के अपना फॉर्म भर देना चाहिए। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। SIR आपका लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित रखने की प्रक्रिया है। इसलिए सभी लोग आखिरी तारीख से पहले फॉर्म भर दें ताकि आपका नाम बिना किसी गलती के वोटर लिस्ट में सुरक्षित रहे।