
भूटान दौरे से लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली पहुंचते ही सीधे सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अपडेट लेने में जुट गए। पीएम मोदी ने सख्त शब्दों में कहा कि “षड्यंत्रकारी कार्यों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने बताया कि शीर्ष एजेंसियों और अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं, और जांच का मंथन जारी है। उन्होंने कहा कि सभी सूचनाओं की कड़ियां जोड़कर साजिश के हर सूत्र को बेनकाब किया जाएगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी दिल्ली धमाके पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि “दोषियों पर एजेंसियों का कहर टूटेगा, सफेदपोश आतंकी चेहरों को जल्द दुनिया के सामने लाया जाएगा।”
दिल्ली धमाके की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। सूत्रों के अनुसार, आत्मघाती हमले की साजिश में शामिल आतंकियों में डॉक्टर उमर नबी बट मुख्य आरोपी है, जिसने धमाका किया। बताया जा रहा है कि उमर तीन घंटे तक लाल किले की पार्किंग में रुका था और उसके बाद विस्फोट को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज में उसकी हर हरकत कैद हो चुकी है।

चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार सभी आरोपी ‘सफेदपोश आतंकी’ निकले — डॉक्टर उमर नबी बट, डॉक्टर आदिल अहमद राथर, डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनई, डॉक्टर शाहीन और डॉक्टर सज्जाद अहमद मला। ये सभी पढ़े-लिखे युवक फरीदाबाद, लखनऊ और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न संस्थानों में कार्यरत थे। ये डॉक्टर मरीजों की जान बचाने के बजाय लोगों की जान लेने की साजिश रच रहे थे।
एजेंसियों को शक है कि ये मॉड्यूल अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें जम्मू-कश्मीर से लेकर यूपी तक फैली हैं। फिलहाल NIA ने जांच तेज कर दी है और जल्द ही और चौंकाने वाले खुलासे सामने आने की संभावना है।





