शामली में डीएम के आदेश हुए हवाहवाई,धड़ल्ले से चल रहा है पशुओं का अवैध सीमन कलेक्शन सेंटर

उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में पशुपालन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है जहाँ पर पिछले करीब एक वर्ष से बिना किसी रजिस्ट्रेशन के पशुओं का एक सीमन कलेक्शन सेंटर संचालित किया जा रहा है और सबसे बड़ी हैरान करने वाली बात यह है कि जब जिलाधिकारी के फर्जी सीमन कलेक्शन सेंटर को बंद करने और संचालक के खिलाफ fir करवाने के आदेश के बावजूद भी पशुओं का सीमन कलेक्शन सेंटर बिना किसी रोकटोक चल रहा है जिसका मुद्दा किसानों द्वारा करीब दो माह पूर्व किसान दिवस में जिलाधिकारी के सामने भी उठाया गया था और जिलाधिकारी द्वारा संबंधित विभाग के अधिकारियों को मामले में तत्काल कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था लेकिन उसके बावजूद भी उक्त सीमन सेंटर धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा है।

आपको बता दें कि पूरा मामला झिंझाना थाना क्षेत्र के मेरठ करनाल मार्ग स्थित गांव मनुगढ़ का है।जहा पर पिछले करीब 1 वर्ष से हरियाणा राज्य निवासी एक व्यक्ति द्वारा पशुओं के सीमन कलेक्शन का सेंटर चलाया जा रहा है।जहा पर सेंटर में विभिन्न नस्लों के करीब 6 दर्जन नर पशुओं को रखा गया है।आरोप है कि पशुओं को उत्तेजक दवाएं देकर उनका सीमन लिया जाता है और उसके बाद उस सीमन को विभिन्न स्थानों पर मोटे मुनाफे में बेच दिया जाता है।यह पूरा मामला तब उजागर जब एक किसान द्वारा इसकी शिकायत कलेक्ट्रेट में आयोजित किसान दिवस में शामली जिला अधिकारी अरविंद कुमार चौहान से की गई।किसान दिवस में किसान ने आरोप लगाया कि गांव मन्नू गढ़ में पशुओं का सीमन कलेक्शन सेंटर चलाया जा रहा है जो कि पूर्ण रूप से फर्जी है।सेंटर चलाने वाले व्यक्ति के पास किसी भी प्रकार का कोई भी प्रमाणित दस्तावेज नहीं है।जिसमें यह लिखा हो कि वह इस तरीके से विभिन्न नस्लों के पशुओं को रखकर उनका सीमन कलेक्ट कर सके।किसान ने यह भी आरोप लगाया है सीमन कलेक्शन सेंटर में कोई भी न कोई भी प्रशिक्षित पशु चिकित्सक रखा गया है और न ही सीमन कलेक्शन की जानकारी पशुपालन विभाग को दी गई है।उक्त सेंटर में जो पशु है वह संक्रमित है और उनके सीमन से किसानों के वे पशु जिनको यह सीमन लगाया जाता है उनके भी संक्रमित होने का खतरा है।जिला अधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए किसान दिवस में मौजूद पशुपालन विभाग के डिप्टी को कड़ी फटकार लगाते हुए नाराजगी जाहिर की थी और तत्काल प्रभाव से उक्त सीमन सेंटर को बंद कर fir दर्ज करने की बात भी कही थी।लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी बिना प्रामाणिकता के चल रहे सीमन कलेक्शन सेंटर के संचालक पर न तो अभी तक कोई कार्यवाही हुई और न ही सीमन कलेक्शन सेंटर बंद कराया गया।जिला अधिकारी के आदेश के तीन दिन बाद भी कोई कार्यवाही न होना पशुपालन विभाग पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है।अब देखने वाली बात होगी कि आखिर उक्त सीमन सेंटर पर कब तक कार्यवाही की जाती है या सबकुछ इसी तरह ढर्रे पर चलता रहेगा।

संजीव राठी(किसान)

वही इस पूरे मामले पर जब हमने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ चंद्रभानु कश्यप से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उक्त सीमन सेंटर को बंद करने के आदेश कर दिए है और so झिंझाना से भी टाइम लेना है कि कब वो टाइम देते है और ड्रग इंस्पेक्टर से बात करनी है मौके पर टीम में वो भी है और हमारी टीम जाएगी और बंद करने के आदेश दे दिए है और जो उसे चला रहा है उसको भी आदेश रिसीव करा दिए है। किसान की शिकायत पर जांच शुरू हुई थी और संचालक से उसको लेकर दस्तावेज मांगे गए थे जो इसे चलाने के लिए जरूरी होते है साथ ही पशु किसी प्रकार के रोग से ग्रस्त तो नहीं इसकी कोई लैब की रिपोर्ट भी इनसे मांगी गई थी लेकिन वो पंजीकरण का कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा पाए इसी से सिद्ध हो गया कि यह पूर्णरूप से अवैध है।

डॉ चंद्रभानू कश्यप (मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी )