
सर्राफा कारोबारी के यहां हुई 1 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड सहित तीन अभी भी फरार।
मेरठ पुलिस ने एक करोड़ की ठगी के आरोपियों की तलाश में 1000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगालकर एक करोड़ रुपये की ठगी का सनसनीखेज खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है साथ ही उनके कब्जे से सोने के आभूषण बरामद किए हैं। इस ब्लाइंड केस के खुलासे के लिए पुलिस ने मेरठ और आसपास के क्षेत्रों के करीब 1000 सीसीटीवी कैमरों को खंगाला है। हालांकि घटना में मास्टरमाइंड सहित 3 आरोपी अभी भी फरार है। आज प्रेस वार्ता के दौरान एसपी सिटी ने इस घटना का खुलासा किया है।
सदर थाना क्षेत्र में स्थित रघुनंदन ज्वेलर्स शॉप में हुई करीब 1 करोड़ रुपये की ठगी की घटना का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए चारों आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया गया।

पुलिस के अनुसार 18 फरवरी को सदर बाजार थाना क्षेत्र में रघुनन्दन ज्वेलर्स की दुकान पर हुई बड़ी ठगी की घटना को अंजाम दिया गया था जिसमें बदमाश एक करोड़ के जेवरात ठगकर फरार हो गए थे। घटना के बाद अधिकारियों ने स्वाट टीम सहित 6 टीमों का गठन किया। और आरोपियों की तलाश शुरू की। सर्विलांस और मुखबिर सहित सीसीटीवी की मदद से पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजा उर्फ सिंह, निशांत उर्फ राज, अनिल कुमार और पंकज भारद्वाज के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों को शनिवार को कैंट स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 80 लाख रुपये के सोने के आभूषण, 89 हजार 500 रुपये नकद और चार मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई हुंडई ईऑन कार बरामद की है। ठगी के बाकि के आभूषण फरार अरोपियों के पास बताए जा रहे हैं।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस घटना का मास्टरमाइंड कृष्ण तिवारी और सचिन दत्त शर्मा हैं। कृष्ण तिवारी खुद को आर्मी में तैनात बताता है। कृष्ण ऐसे लोगो को ट्रैप में फंसाता था जिनको दो नम्बर के पैसे एक नम्बर में कन्वर्ट कराने होते थे। इसी क्रम में प्रवीण कुमार जोकि भगवान बुक डिपो के मालिक हैं वो कृष्णा तिवारी के सम्पर्क में आये। कृष्ण ने प्रवीण से कहा कि उनके करीब एक करोड़ रुपये को वो आरटीजीएस कराकर कन्वर्ट करा देगा। कृष्णा ने प्रवीण से करीब एक करोड़ लेकर रघुनंदन ज्वेलर्स के यहां जाने को कहा। साथ ही साथ कृष्ण तिवारी ने रघुनंदन ज्वेलर्स के यहां फोन करके बताया कि उसे एक करोड़ रुपये की ज्वेलरी खरीदनी है और वो अपने भतीजे को ज्वेलरी पसंद करने के लिए शोरूम पर भेज रहा है। इसके बाद कृष्ण तिवारी ने अपना भतीजा बताकर एक शख्स को शोरूम पर भेजा जिसने वहां पहुँचकर करीब एक करोड रुपये की ज्वेलरी पसंद कर ली तभी वहाँ कारोबारी प्रवीण 9985000 रुपये लेकर पहुँच गया। यानि कृष्ण तिवारी ने रघुनंदन ज्वैलर्स और कारोबारी प्रवीण को एक ही नाम से फोन करके भ्रमित किया। शोरूम पहुँचने पर प्रवीण ने 9985000 रुपये रघुनंदन ज्वेलर्स शोरूम के मालिक अग्रवाल को दे दिए। और बताया कि कृष्णा जी से बात हो गई है। इसी बीच जो शख्स कृष्णा का भतीजा बनकर आभूषण पसंद करने शोरूम पहुँचा उसने एक करोड़ की कीमत के आभूषण पैक करा लिये और शोरूम से फरार हो गया।
वहीं पैसे लेकर आरटीजीएस कराने शोरूम पर पहुँचे कारोबारी प्रवीण को शक हुआ क्योंकि कृष्णा तिवारी का फोन बंद हो गया था। उसने शोरूम मालिक से कहा कि उसके पैसों की आरटीजीएस ना करें। इस पर सर्राफा व्यापारी ने कहा कि जो पैसे वो लाये थे उनके बदले तो वो सोने के आभूषण दे चुके हैं। इस पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। जबतक आरोपी आभूषण लेकर फरार हो चुका था। यानि पैसे किसी के और सोना कोई दूसरा लेकर फरार हो गया। पुलिस ने इस घटना के खुलासे के लिए एक हजार से ज़्यादा सीसीटीवी के अलावा सीडीआर और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए। इस घटना में शामिल 4 आरोपियों को मेरठ से गिरफ्तार किया जबकि इसके घटना के मास्टरमाइंड सहित तीन आरोपी अभी भी फरार हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी पहले से भी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और उनके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।





