अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप पर ED की बड़ी कार्रवाई — ₹3000 करोड़ से अधिक की 40 संपत्तियां अस्थायी रूप से ज़ब्त

अनिल अंबानी के स्वामित्व वाले रिलायंस ग्रुप पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में समूह की ₹3000 करोड़ से अधिक मूल्य की 40 से ज़्यादा संपत्तियों को अस्थायी रूप से ज़ब्त कर लिया है। इनमें मुंबई के प्रतिष्ठित पाली हिल स्थित घर और दिल्ली का रिलायंस सेंटर जैसी प्रमुख संपत्तियाँ शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, ईडी ने यह कार्रवाई फेमा (FEMA) और मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत की है। एजेंसी का दावा है कि इन संपत्तियों से जुड़ा धन विदेशों में बनाए गए कुछ कथित शेल कंपनियों के माध्यम से संदिग्ध लेनदेन से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी ने कहा है कि प्रारंभिक जांच में कई ऐसे सबूत मिले हैं जो वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं।

ईडी ने अपने आदेश में बताया कि इन संपत्तियों की अस्थायी जब्ती आगे की जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगी। एजेंसी जल्द ही संबंधित बैंकों और सरकारी विभागों को इस बारे में औपचारिक सूचना भेजेगी।

अनिल अंबानी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि कंपनी कानूनी सलाह लेकर इस कार्रवाई के खिलाफ अपील करने की तैयारी में है।

गौरतलब है कि रिलायंस ग्रुप पिछले कुछ वर्षों से आर्थिक दबावों और कर्ज़ के मामलों में विवादों में रहा है। ईडी की यह कार्रवाई समूह के लिए एक और बड़ा झटका मानी जा रही है।

देश की आर्थिक और कारोबारी हलचल के बीच यह मामला एक बार फिर बड़े कॉरपोरेट घरानों की वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।